
नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज की स्थापना सन 1948 में नागर विमानन महानिदेशालय, भारत सरकार द्वारा की गई थी, जो कि अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) का एक हिस्सा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की स्थापना भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय के अधीन संसद के एक अधिनियम के तहत सन 1994 में एक कार्पोरेट निकाय के रूप में हुई थी । नागर विमानन प्रशिक्षण कॉलेज एयर नैविगेशन सर्विसेज के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने की दायित्व के साथ इस क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है। सीएटीसी,अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा प्रत्यायोजित वैश्विक मानकों एवं पद्धतियों के अनुसार एटीसी एवं सीएनएस कार्मिकों को दक्षता आधारित प्रशिक्षण प्रदान करता है। एटीसी एवं सीएनएस प्रशिक्षण दोनों ही संरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं तथा इन्हें सरकारी नियामक नागर विमानन महानिदेशालय तथा अंतर्राष्ट्रीय नियामक अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन द्वारा विनियमित किया जाता है।
एटीम प्रशिक्षण आईसीएओ अनुलग्नक-1 में निर्धारित मानकों को पूरा करने पर निर्भर है तथा यह वायु यातायात को सुरक्षित एवं वायु यातायत के कुशल प्रवाह तथा प्रबंधन हेतु दक्षता से परिपूर्ण वायु यातायात नियंत्रक तैयार करती है। सीएनएस प्रशिक्षण की प्रकृति तकनीकी होती है तथा यह उच्च कौशल एवं गुणवत्तायुक्त विशेषज्ञ, वायु यातायात इलेक्ट्रानिक संरक्षा कार्मिक (ATSEPs) तैयार करती है ताकि एयर नैविगेशन सेवाओं के आधारभूत ढ़ाचों, एयर सेफ़्टी क्रिटिकल इक्वीपमेंट की कठोरतम आवश्यकताओं की पूर्ति हो। सीएटीसी, आईसीएओ ट्रेनएयर प्लस कार्यक्रम का एक पूर्ण सदस्य है जो हवाई नेविगेशन सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षण का एक विश्व स्तर पर मानकीकृत प्रारूप है। सीएटीसी आईएसओ 9001:2015 प्रमाणित है।